किडनी की गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीजों के लिए नियमित डायलिसिस जीवन बचाने वाली चिकित्सा प्रक्रिया हो सकती है। लेकिन लंबे समय तक डायलिसिस कराने का खर्च आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने PM National Dialysis Programme 2026 के तहत डायलिसिस सेवाओं का विस्तार किया है।
प्रधानमंत्री राष्ट्रीय डायलिसिस कार्यक्रम (PMNDP) की शुरुआत 7 अप्रैल 2016 को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत की गई थी। उपलब्ध सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 30 जून 2026 तक यह कार्यक्रम देश के सभी 36 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के 751 जिलों में लागू है। इसके तहत 1,856 हीमोडायलिसिस केंद्र और 13,535 हीमोडायलिसिस मशीनें उपलब्ध हैं।
PM National Dialysis Programme 2026: ताजा जानकारी
| बिंदु | जानकारी |
|---|---|
| योजना का नाम | प्रधानमंत्री राष्ट्रीय डायलिसिस कार्यक्रम |
| English Name | PM National Dialysis Programme |
| Focus Keyword | PM National Dialysis Programme 2026 |
| शुरुआत | 7 अप्रैल 2016 |
| मंत्रालय | स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय |
| कार्यक्रम | राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) |
| कवरेज | 36 राज्य/केंद्रशासित प्रदेश |
| कुल जिले | 751 जिले, 44 संबद्ध जिलों सहित |
| डायलिसिस केंद्र | 1,856 हीमोडायलिसिस केंद्र |
| डायलिसिस मशीनें | 13,535 |
| कार्यान्वयन मॉडल | Public-Private Partnership (PPP) |
| आधिकारिक पोर्टल | pmndp.mohfw.gov.in |
प्रधानमंत्री राष्ट्रीय डायलिसिस कार्यक्रम क्या है?
प्रधानमंत्री राष्ट्रीय डायलिसिस कार्यक्रम यानी PMNDP केंद्र सरकार की एक प्रमुख स्वास्थ्य पहल है। इसका उद्देश्य किडनी की गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीजों को सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों के माध्यम से सुलभ डायलिसिस सुविधा उपलब्ध कराना है।
यह कार्यक्रम खासतौर पर उन मरीजों के लिए महत्वपूर्ण है जिन्हें नियमित डायलिसिस की जरूरत होती है और जिनके लिए निजी अस्पतालों में इलाज का खर्च उठाना मुश्किल हो सकता है।
कार्यक्रम को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के सहयोग से लागू किया जाता है। कई स्थानों पर जिला अस्पतालों में डायलिसिस केंद्र Public-Private Partnership मॉडल के तहत संचालित किए जाते हैं।
PM National Dialysis Programme क्यों शुरू किया गया?
किडनी की अंतिम अवस्था की बीमारी यानी End-Stage Renal Disease में मरीज को लंबे समय तक नियमित डायलिसिस की जरूरत पड़ सकती है। डायलिसिस सुविधा हर जगह उपलब्ध नहीं होने के कारण ग्रामीण और दूर-दराज के क्षेत्रों के मरीजों को इलाज के लिए बड़े शहरों की यात्रा करनी पड़ती थी।
डायलिसिस की लगातार आवश्यकता और इलाज की लागत को देखते हुए सरकार ने जिला स्तर पर सेवाओं का विस्तार करने के उद्देश्य से PMNDP शुरू किया।
कार्यक्रम के प्रमुख उद्देश्य हैं:
• जरूरतमंद मरीजों के लिए डायलिसिस सुविधा को सुलभ बनाना
• ग्रामीण और दूर-दराज के क्षेत्रों में डायलिसिस सेवाओं का विस्तार करना
• सरकारी अस्पतालों में डायलिसिस इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करना
• मरीजों पर इलाज का आर्थिक बोझ कम करना
• जिला स्तर पर गुणवत्तापूर्ण डायलिसिस सेवाओं की उपलब्धता बढ़ाना
PMNDP के तहत किन्हें लाभ मिलता है?
PMNDP के तहत डायलिसिस सेवाओं का लाभ संबंधित राज्य और स्वास्थ्य विभाग की लागू पात्रता व्यवस्था के अनुसार मिलता है।
आर्थिक रूप से कमजोर और पात्र मरीजों के लिए सरकारी डायलिसिस सेवाएं विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं। कई सरकारी व्यवस्थाओं में पात्र BPL मरीजों के लिए मुफ्त डायलिसिस की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है।
अन्य मरीजों के लिए राज्य की नीति के अनुसार रियायती दर लागू हो सकती है। इसलिए मरीज को डायलिसिस शुरू कराने से पहले संबंधित सरकारी अस्पताल से वर्तमान पात्रता और शुल्क की पुष्टि करनी चाहिए।
क्या BPL मरीजों को मुफ्त डायलिसिस मिलती है?
पात्र BPL मरीजों के लिए PMNDP के तहत मुफ्त डायलिसिस की व्यवस्था की गई है। अन्य पात्र मरीजों को राज्य की व्यवस्था के अनुसार रियायती दर पर सुविधा मिल सकती है।
हालांकि, पात्रता और भुगतान की वास्तविक व्यवस्था राज्य, अस्पताल और लागू स्वास्थ्य योजना के अनुसार अलग हो सकती है। इसलिए BPL मरीज को संबंधित दस्तावेजों के साथ जिला अस्पताल में पात्रता की पुष्टि करनी चाहिए।
आयुष्मान कार्ड धारकों को क्या फायदा मिलेगा?
आयुष्मान भारत योजना के पात्र लाभार्थियों को लागू नियमों और अस्पताल के empanelment के अनुसार उपचार का लाभ मिल सकता है।
डायलिसिस के लिए उपलब्ध सुविधा राज्य की स्वास्थ्य योजना, अस्पताल और लागू पैकेज पर निर्भर कर सकती है। इसलिए केवल आयुष्मान कार्ड होने के आधार पर हर अस्पताल में समान डायलिसिस सुविधा उपलब्ध होने की पुष्टि नहीं की जा सकती।
मरीज को डायलिसिस शुरू कराने से पहले अस्पताल में आयुष्मान कार्ड और PMNDP के तहत उपलब्ध सुविधा के बारे में जानकारी लेनी चाहिए।
751 जिलों में डायलिसिस सुविधा
30 जून 2026 तक उपलब्ध सरकारी आंकड़ों के अनुसार PMNDP का विस्तार देश के 36 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के 751 जिलों तक हो चुका है।
इन आंकड़ों में 44 संबद्ध जिले भी शामिल हैं।
देशभर में उपलब्ध डायलिसिस इंफ्रास्ट्रक्चर में:
• 1,856 हीमोडायलिसिस केंद्र
• 13,535 हीमोडायलिसिस मशीनें
शामिल हैं।
इस विस्तार से उन मरीजों को मदद मिल सकती है जिन्हें डायलिसिस के लिए पहले दूर के शहरों या निजी अस्पतालों पर निर्भर रहना पड़ता था।
PM National Dialysis Programme कैसे लागू होता है?
PMNDP को मुख्य रूप से Public-Private Partnership यानी PPP मॉडल के माध्यम से लागू किया जाता है।
इस व्यवस्था में राज्य सरकार या संबंधित स्वास्थ्य विभाग सरकारी अस्पताल में आवश्यक स्थान और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करा सकता है। चयनित सेवा प्रदाता डायलिसिस मशीन, तकनीकी कर्मचारी, संचालन और रखरखाव जैसी जिम्मेदारियां संभाल सकता है।
डायलिसिस केंद्रों की स्थापना राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों द्वारा आवश्यकता और स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता के आधार पर तैयार प्रस्तावों के अनुसार की जाती है।
डायलिसिस केंद्रों की निगरानी कैसे होती है?
PMNDP के तहत डायलिसिस केंद्रों की निगरानी और समीक्षा केंद्र तथा राज्य स्तर पर की जाती है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा Common Review Mission और अधिकारियों के निरीक्षण के माध्यम से कार्यक्रम की समीक्षा की जाती है।
यदि किसी केंद्र में संचालन संबंधी समस्या पाई जाती है, तो संबंधित राज्य या केंद्रशासित प्रदेश को आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई के लिए सूचित किया जा सकता है।
डायलिसिस केंद्रों को सुचारू रूप से चलाना और प्रशिक्षित डायलिसिस तकनीशियन उपलब्ध कराना संबंधित राज्य सरकार और कार्यान्वयन भागीदार की जिम्मेदारी होती है।
पिछले दो वित्त वर्षों में नए डायलिसिस केंद्र
उपलब्ध सरकारी आंकड़ों के अनुसार कुछ प्रमुख राज्यों में FY 2024-25 और FY 2025-26 के दौरान डायलिसिस केंद्रों का विस्तार हुआ है।
| राज्य | FY 2024-25 | FY 2025-26 |
| गुजरात | 272 | 282 |
| महाराष्ट्र | 65 | 158 |
| कर्नाटक | 200 | 214 |
| तमिलनाडु | 141 | 146 |
| उत्तर प्रदेश | 75 | 75 |
ये आंकड़े कार्यक्रम के विस्तार से संबंधित उपलब्ध जानकारी को दर्शाते हैं। पूरी राज्यवार जानकारी संबंधित सरकारी दस्तावेज में देखी जा सकती है।
अपने जिले में डायलिसिस केंद्र कैसे खोजें?
अगर आपको या आपके परिवार के किसी सदस्य को डायलिसिस की जरूरत है, तो सबसे पहले नजदीकी सरकारी अस्पताल से संपर्क करें।
आप निम्न तरीके अपना सकते हैं:
• जिला अस्पताल में PMNDP डायलिसिस यूनिट के बारे में पूछें
• संबंधित सरकारी अस्पताल से उपलब्ध स्लॉट और पात्रता की जानकारी लें
• PMNDP के आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी देखें
• राज्य के स्वास्थ्य विभाग या NHM की वेबसाइट देखें
• अस्पताल जाते समय जरूरी पहचान और स्वास्थ्य संबंधी दस्तावेज साथ रखें
PMNDP आधिकारिक पोर्टल: pmndp.mohfw.gov.in
डायलिसिस केंद्र पर कौन से दस्तावेज ले जाएं?
मरीज को अपनी पात्रता और इलाज के अनुसार जरूरी दस्तावेज साथ रखने चाहिए।
• आधार कार्ड या अन्य पहचान पत्र
• आयुष्मान भारत कार्ड, यदि लागू हो
• BPL या राशन कार्ड, यदि लागू हो
• डॉक्टर की पर्ची
• किडनी रोग से संबंधित मेडिकल रिपोर्ट
• पुराने उपचार और डायलिसिस रिकॉर्ड
• अस्पताल की रेफरल पर्ची, यदि आवश्यक हो
दस्तावेजों की वास्तविक आवश्यकता अस्पताल और राज्य के नियमों के अनुसार अलग हो सकती है।
PMNDP और जीवनधारा नाम
कुछ राज्यों में डायलिसिस सेवाओं को स्थानीय स्तर पर अलग नामों से भी जाना जाता है। कुछ स्थानों पर जीवनधारा नाम का इस्तेमाल किया गया है।
इसलिए किसी राज्य में डायलिसिस सेवा का स्थानीय नाम अलग होने पर भी वह राज्य की संबंधित डायलिसिस व्यवस्था या PMNDP से जुड़ी सेवा हो सकती है।
PMNDP से जुड़ी अन्य सरकारी योजनाएं
किडनी रोगियों और जरूरतमंद परिवारों के लिए अन्य सरकारी स्वास्थ्य योजनाएं भी उपयोगी हो सकती हैं।
• आयुष्मान भारत PM-JAY
• आयुष्मान वय वंदना कार्ड
• प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना
• राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन
• राष्ट्रीय वायरल हेपेटाइटिस नियंत्रण कार्यक्रम
इन योजनाओं की पात्रता और लाभ अलग-अलग हैं। लाभ लेने से पहले संबंधित योजना की आधिकारिक जानकारी की जांच करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
PM National Dialysis Programme 2026 क्या है?
PM National Dialysis Programme 2026 प्रधानमंत्री राष्ट्रीय डायलिसिस कार्यक्रम का वर्तमान संदर्भ है। यह राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत चलाया जाने वाला कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य जरूरतमंद मरीजों को सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों के माध्यम से डायलिसिस सुविधा उपलब्ध कराना है।
प्रधानमंत्री राष्ट्रीय डायलिसिस कार्यक्रम कब शुरू हुआ?
प्रधानमंत्री राष्ट्रीय डायलिसिस कार्यक्रम की शुरुआत 7 अप्रैल 2016 को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत की गई थी।
क्या PMNDP के तहत डायलिसिस मुफ्त है?
पात्र BPL मरीजों के लिए मुफ्त डायलिसिस की व्यवस्था है। अन्य मरीजों के लिए राज्य की व्यवस्था के अनुसार रियायती दर लागू हो सकती है। वास्तविक पात्रता संबंधित सरकारी अस्पताल से जांचनी चाहिए।
PMNDP कितने जिलों में लागू है?
30 जून 2026 तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार PMNDP 36 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के 751 जिलों में लागू है, जिसमें 44 संबद्ध जिले भी शामिल हैं।
PMNDP के तहत कितने डायलिसिस केंद्र हैं?
30 जून 2026 तक देशभर में 1,856 हीमोडायलिसिस केंद्र उपलब्ध बताए गए हैं।
PMNDP के तहत कितनी डायलिसिस मशीनें हैं?
30 जून 2026 तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार कुल 13,535 हीमोडायलिसिस मशीनें हैं।
क्या आयुष्मान कार्ड से मुफ्त डायलिसिस मिल सकती है?
पात्र आयुष्मान लाभार्थियों को लागू योजना और अस्पताल के नियमों के अनुसार उपचार का लाभ मिल सकता है। डायलिसिस की सुविधा और कवरेज की पुष्टि संबंधित अस्पताल से करनी चाहिए।
अपने जिले में PMNDP डायलिसिस केंद्र कैसे खोजें?
आप नजदीकी जिला अस्पताल से संपर्क कर सकते हैं या PMNDP के आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी देख सकते हैं।
PMNDP किस मंत्रालय के तहत चलाया जाता है?
यह कार्यक्रम स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के तहत राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन से जुड़ा है।
क्या PMNDP पूरे भारत में लागू है?
30 जून 2026 तक उपलब्ध सरकारी आंकड़ों के अनुसार PMNDP सभी 36 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में लागू है और 751 जिलों को कवर करता है।
महत्वपूर्ण लिंक
| सेवा | जानकारी |
| PMNDP आधिकारिक पोर्टल | pmndp.mohfw.gov.in |
| नजदीकी डायलिसिस केंद्र | संबंधित जिला अस्पताल से संपर्क करें |
| आयुष्मान भारत | आधिकारिक Ayushman Bharat पोर्टल |
| राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन | संबंधित राज्य NHM वेबसाइट |
Disclaimer
| Information | विवरण |
| सूचना का उद्देश्य | यह लेख PM National Dialysis Programme 2026 के बारे में सामान्य जानकारी देने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। |
| आंकड़े | लेख में दिए गए आंकड़े उपलब्ध सरकारी जानकारी पर आधारित हैं और समय के साथ बदल सकते हैं। |
| पात्रता | मुफ्त या रियायती डायलिसिस की पात्रता राज्य, अस्पताल और लागू सरकारी योजना के नियमों पर निर्भर कर सकती है। |
| जरूरी सलाह | इलाज या डायलिसिस शुरू कराने से पहले संबंधित सरकारी अस्पताल और आधिकारिक स्वास्थ्य विभाग से वर्तमान नियमों की पुष्टि करें। |






