National Digital Livestock Mission 2026: पशु आधार, 35.68 करोड़+ पशुओं की डिजिटल पहचान

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On: August 3, 2026 11:44 PM
National Digital Livestock Mission 2026

राष्ट्रीय डिजिटल पशुधन मिशन 2026 (NDLM): भारत सरकार द्वारा पशुपालन क्षेत्र को डिजिटल बनाने के लिए राष्ट्रीय डिजिटल पशुधन मिशन (NDLM) शुरू किया गया है। इसके तहत देशभर के पशुओं को 12 अंकों की यूनिक डिजिटल पहचान यानी पशु आधार (Pashu Aadhaar) प्रदान की जा रही है। जनवरी 2026 तक 35.68 करोड़ से अधिक पशुओं को यह डिजिटल पहचान दी जा चुकी है। इसके माध्यम से पशुओं का स्वास्थ्य रिकॉर्ड, टीकाकरण, नस्ल, दूध उत्पादन और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी डिजिटल रूप से सुरक्षित रखी जाती है।

अपडेट बॉक्स

• योजना का नाम: राष्ट्रीय डिजिटल पशुधन मिशन (NDLM)

• संचालित विभाग: पशुपालन एवं डेयरी विभाग (DAHD)

• पशु आधार: जनवरी 2026 तक 35.68 करोड़+ पशुओं को 12 अंकों की यूनिक डिजिटल पहचान

• डिजिटल प्लेटफॉर्म: भारत पशुधन (Bharat Pashudhan)

• महत्वपूर्ण जानकारी: यह राष्ट्रीय पशुधन मिशन (NLM) से पूरी तरह अलग योजना है। NDLM केवल डिजिटल पहचान प्रणाली है, जबकि NLM सब्सिडी आधारित योजना है।

एक पशुपालक की कहानी

उत्तराखंड के एक गांव में एक पशुपालक की भैंस अचानक बीमार हो गई। जब पशु चिकित्सक पहुंचे तो उनके पास भैंस का टीकाकरण और इलाज का पुराना रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं था क्योंकि सारी जानकारी अलग-अलग कागजों में दर्ज थी। अब NDLM के तहत हर पशु को 12 अंकों का पशु आधार टैग दिया जाता है। जैसे ही टैग स्कैन किया गया, भारत पशुधन पोर्टल पर उसकी नस्ल, स्वास्थ्य रिकॉर्ड, टीकाकरण और दूध उत्पादन की पूरी जानकारी दिखाई दी। इससे डॉक्टर ने तुरंत सही उपचार शुरू कर दिया। यही इस मिशन का मुख्य उद्देश्य है।

राष्ट्रीय डिजिटल पशुधन मिशन (NDLM) क्या है?

राष्ट्रीय डिजिटल पशुधन मिशन (NDLM) भारत सरकार की एक डिजिटल पहल है जिसके अंतर्गत प्रत्येक पशु को आधार कार्ड की तरह एक यूनिक डिजिटल पहचान दी जाती है। इस पहचान के माध्यम से पशु का पूरा रिकॉर्ड ऑनलाइन सुरक्षित रखा जाता है।

इस योजना से पशुपालकों को बेहतर पशु चिकित्सा सेवाएं, डिजिटल रिकॉर्ड, बीमा सुविधा और पारदर्शी डेयरी सेवाओं का लाभ मिलता है।

ध्यान रखें कि यह कोई सब्सिडी योजना नहीं है।

NDLM 2026 Overview

विवरणजानकारी
योजनाराष्ट्रीय डिजिटल पशुधन मिशन (NDLM)
विभागपशुपालन एवं डेयरी विभाग (DAHD)
मंत्रालयमत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय
डिजिटल प्लेटफॉर्मभारत पशुधन (Bharat Pashudhan)
पशु पहचान12 अंकों का यूनिक Pashu Aadhaar
टैगकान में लगाया जाने वाला डिजिटल टैग
कवरेज35.68 करोड़+ पशु (जनवरी 2026 तक)
शुरुआतउत्तराखंड पायलट परियोजना
वर्तमान स्थितिपूरे देश में लागू
शुल्कपूरी तरह निःशुल्क

NDLM की आवश्यकता क्यों पड़ी?

पहले देश में करोड़ों पशुओं का कोई केंद्रीकृत डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं था। इससे कई समस्याएं होती थीं।

• टीकाकरण रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं रहता था।

• बीमारी का इतिहास पता नहीं चलता था।

• बीमा क्लेम में परेशानी होती थी।

• पशु चिकित्सकों को सही जानकारी नहीं मिलती थी।

• बीमारी फैलने पर संक्रमित पशुओं की पहचान करना मुश्किल होता था।

इन सभी समस्याओं को समाप्त करने के लिए NDLM शुरू किया गया।

भारत पशुधन (Bharat Pashudhan) प्लेटफॉर्म क्या है?

भारत पशुधन NDLM के अंतर्गत विकसित राष्ट्रीय डिजिटल डेटाबेस है।

इसमें निम्न जानकारी सुरक्षित रखी जाती है।

• पशु की नस्ल

• जन्म तिथि

• स्वास्थ्य रिकॉर्ड

• टीकाकरण विवरण

• बीमारी का इतिहास

• गर्भाधान एवं प्रजनन रिकॉर्ड

• दूध उत्पादन

• मालिक की जानकारी

यह प्लेटफॉर्म पशुपालकों, पशु चिकित्सकों, डेयरी समितियों और सरकार को एक ही डिजिटल सिस्टम से जोड़ता है।

पशुपालकों को मिलने वाले प्रमुख लाभ

• पशु चिकित्सक को तुरंत पूरा स्वास्थ्य रिकॉर्ड उपलब्ध होता है।

• टीकाकरण अभियान की सही निगरानी होती है।

• FMD एवं Brucellosis जैसे टीकाकरण की ट्रैकिंग आसान होती है।

• दूध उत्पादन का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होता है।

• डेयरी भुगतान अधिक पारदर्शी बनता है।

• पशु बीमा क्लेम की प्रक्रिया आसान होती है।

• पशु खरीद-बिक्री के समय वास्तविक मालिक की पहचान हो जाती है।

• बीमारी फैलने पर संक्रमित पशुओं की तुरंत पहचान संभव होती है।

पशु आधार (Pashu Aadhaar) कैसे बनाया जाता है?

पशु आधार बनाने की प्रक्रिया पूरी तरह निःशुल्क होती है।

• सरकारी टैगिंग टीम गांव में पहुंचती है।

• पशु का निरीक्षण किया जाता है।

• कान में 12 अंकों का यूनिक टैग लगाया जाता है।

• पशु की जानकारी भारत पशुधन पोर्टल पर दर्ज की जाती है।

• पशुपालक को कहीं आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होती।

यदि आपके क्षेत्र में अभी टैगिंग नहीं हुई है तो अपने नजदीकी पशु चिकित्सालय या ग्राम पंचायत से संपर्क करें।

NDLM और राष्ट्रीय पशुधन मिशन (NLM) में अंतर

NDLMNLM
डिजिटल पहचान प्रणालीसब्सिडी आधारित योजना
पशु आधार जारी किया जाता हैबकरी, भेड़, मुर्गी एवं सुअर पालन पर सब्सिडी
कोई प्रत्यक्ष आर्थिक सहायता नहींलोन एवं सब्सिडी उपलब्ध
आवेदन की आवश्यकता नहींऑनलाइन आवेदन करना होता है

यदि आपका उद्देश्य पशुपालन व्यवसाय के लिए सब्सिडी प्राप्त करना है, तो आपको राष्ट्रीय पशुधन मिशन (NLM) के लिए आवेदन करना होगा।

NDLM से जुड़ी अन्य योजनाएं

• राष्ट्रीय पशुधन मिशन (NLM)

• राष्ट्रीय गोकुल मिशन (RGM)

• AgriStack Farmer ID

• राष्ट्रीय डेयरी विकास कार्यक्रम (NPDD)

• नंद बाबा दुग्ध मिशन (उत्तर प्रदेश)

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

क्या NDLM के तहत पैसे मिलते हैं?

नहीं। यह केवल डिजिटल पहचान प्रणाली है। इसमें किसी प्रकार की प्रत्यक्ष आर्थिक सहायता नहीं दी जाती।

पशु आधार क्या है?

यह प्रत्येक पशु को दिया जाने वाला 12 अंकों का यूनिक डिजिटल पहचान नंबर है।

अब तक कितने पशुओं को पशु आधार मिल चुका है?

जनवरी 2026 तक 35.68 करोड़ से अधिक पशुओं को।

Bharat Pashudhan क्या है?

यह NDLM के अंतर्गत बनाया गया राष्ट्रीय डिजिटल पशुधन डेटाबेस है।

पशु आधार बनवाने के लिए आवेदन करना पड़ता है?

नहीं। सरकारी टैगिंग टीम गांव में पहुंचकर निःशुल्क टैगिंग करती है।

क्या इसकी कोई फीस है?

नहीं। पूरी प्रक्रिया बिल्कुल मुफ्त है।

NDLM और NLM में क्या अंतर है?

NDLM डिजिटल पहचान प्रणाली है जबकि NLM पशुपालन व्यवसाय के लिए सब्सिडी एवं लोन उपलब्ध कराने वाली योजना है।

पशु आधार से बीमा में क्या लाभ मिलता है?

डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध होने के कारण बीमा क्लेम की प्रक्रिया तेज और पारदर्शी हो जाती है।

क्या यह योजना पूरे भारत में लागू है?

हाँ। उत्तराखंड में पायलट परियोजना के बाद अब इसे पूरे देश में लागू किया जा चुका है।

NDLM किस मंत्रालय के अंतर्गत संचालित होता है?

यह योजना मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय के अंतर्गत पशुपालन एवं डेयरी विभाग (DAHD) द्वारा संचालित की जाती है।

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